नई दिल्ली। ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान को लेकर सरकार ने शुल्क व्यवस्था स्पष्ट कर दी है। नए प्रावधान के तहत ₹2,000 से ज्यादा के भुगतान पर 0.4% तक शुल्क लिया जाएगा। हालांकि यह शुल्क ग्राहक से नहीं, बल्कि कारोबारी से लिया जाएगा। शुल्क की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेन-देन रखी गई है।₹2,000 तक के UPI भुगतान पर ग्राहक और कारोबारी, दोनों से किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को नोटिफिकेशन जारी कर स्थिति स्पष्ट की। RuPay डेबिट कार्ड से होने वाले भुगतान को भी इस छूट के दायरे में रखा गया है। नई व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होने की बात कही गई है।विपक्ष ने सरकार पर साधा निशानाUPI शुल्क को लेकर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने चुपचाप UPI पर शुल्क लगाने का रास्ता खोल दिया है। उनका कहना है कि भले ही शुल्क दुकानदार से लिया जाए, लेकिन इसका असर अंततः ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महंगाई के दौर में आम आदमी पहले से ही आर्थिक दबाव में है और डिजिटल भुगतान पर शुल्क का बोझ उसकी परेशानी बढ़ा सकता है।हालांकि, सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ₹2,000 तक के UPI भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगेगा और प्रस्तावित शुल्क ग्राहक से सीधे नहीं लिया जाएगा।
