इंदौर: इंफोसिस की महिला इंजीनियर की कार से कुचलकर हत्या मामले में नया खुलासा हुआ है। लसूड़िया स्थित जिस समृद्धि एन्क्लेव में वे परिवार सहित रहती थीं, उसके अवैध रूप से निर्मित पेंटहाउस में अनैतिक कारोबार चल रहे थे। वहां दिन-रात कपल आते रहते थे। नाबालिग भी इसमें शामिल थे। इसका विरोध करने पर आरोपी बाप-बेटे ने उन पर कार चढ़ाकर हत्या की थी।लसूड़िया इलाके स्थित एमआर-11 स्थित शिव वाटिका, सागर टाउनशिप के समृद्धि एन्क्लेव में बीते रोज इंफोसिस में कार्यरत इंजीनियर शंपा पाठक पर कार चढ़ाकर उनकी हत्या कर दी गई थी। वारदात में सोसायटी के अन्य लोग भी घायल हुए थे। आरोपी उसी मल्टी के पेंट हाउस का मालिक कुलदीप चौधरी और उनके बेटा है। पुलिस ने बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।मल्टी में अवैध रूप से पेंटहाउस का निर्माणसमृद्धि एन्क्लेव के रहवासी जय गुप्ता ने बताया कि जब उन लोगों ने बिल्डर से यहां फ्लेट बुक किए थे, उस समय प्रपोज नक्शे में पेंट हाउस का प्रावधान नहीं था। बाद में अवैध रूप से पेंटहाउस बनाए गए हैं। जिन्हें कुलदीप चौधरी को बेचा गया था। जय के अनुसार कुलदीप व उनके बेटे बिना बिल्डर और सोसायटी की अनुमति के Airbnb एप के माध्यम से पेंट हाउस को अनैतिक काम के लिए किराये पर उठा रहे थे।बिल्डर की हिदायद के बाद भी धंधा बंद नहीं कियाजय गुप्ता बताते हैं कि कभी दिन में तो कभी शाम को तो कभी रात में पेंट हाउस में कपल आते थे। कभी-कभी तो नाबालिग लड़के-लड़कियां तक आकर रुकते थे। इन अनैतिक गतिविधियों का सभी लोगों ने बिल्डर के सामने विरोध जताया था। पेंट हाउस मालिक को भी सख्त हिदायद दी गई थी। लेकिन वह नहीं माना। क्षेत्र के पार्षद ने भी इस विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थता की थी, लेकिन कुलदीप और उसके बेटे की हरकतें जारी रहीं।बिजली काटने के बाद विवाद बड़ा और हत्या कर दीरहवासियों के अनुसार अनैतिक गतिविधियों के चलते सोसायटी ने पेंट हाउस की बिजली बंद करा दी थी। बीते रोज कुलदीप और उसका बेटा यहां आया था। बिजली बंद करने को लेकर सोसायटी वालों से उसका विवाद हुआ था। इसी दौरान कुलदीप के कहने पर उसके बेटे ने रहवासियों पर कार चढ़ाने का प्रयास किया। कुछ लोग घायल हुए, लेकिन इंजीनियर शंपा पाठक पर उसने कार चढ़ा दी थी। रहवासी उन्हें तत्काल अस्पताल ले गए थे, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी।इंजीनियर शंपा और पति सौरभ फ्लेट बेचने वाले थेरहवासियों के अनुसार मृतक इंफोसिस इंजीनियर शंपा पाठक और उनके पति सौरभ चंद रोज पहले ही यहां रहने आए थे। उन्होंने जब यहां अनैतिक गतिविधियों और विवाद के हालात देखे तो फ्लेट बेचने का मन बना लिया था। हालांकि उसके पहले यह घटना हो गई। उनके दो छोटे बच्चे भी हैं।
