कार्रवाई के दावों के बीच सड़कों पर फिर गूंज रहे पटाखा साइलेंसर, पुलिस की निगरानी पर उठे सवाल
इंदौर। इंदौर की सड़कों पर पुलिस कार्रवाई के बावजूद पटाखा साइलेंसर का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। सैकड़ों साइलेंसर नष्ट किए जाने के बाद भी शहर में धूम-धड़ाका जारी है, जिससे आमजन परेशान हैं। पुलिस ने बीते महीनों में कई बार इन पर नकेल कसने के लिए कारवाइयां की। साइलेंसरों पर पुलिस का बुलडोजर चला, लेकिन नतीजा यह कि आज भी ये कानफोड़ू साइलेंसर आमजन का जीना हराम कर रहे हैं। इसमें कई बुलेट ऐसी भी हैं, जिन पर पुलिस लिखी नंबर प्लेट लगी है। आखिर ऐसे साइलेंसर पर पुलिस कब कार्रवाई करेगी या फिर इन्हें भी नष्ट करने की प्रक्रिया करेगी…पुलिस द्वारा बीते महीनों में सैकड़ों मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त कर नष्ट किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।खबर सत्याग्रह के रिपोर्टर दिव्यांशु परमार ने शहर के विभिन्न इलाकों में पड़ताल की, जिसमें कई बुलेट पर अवैध साइलेंसर लगे पाए गए। टीम सभी बुलेट का वीडियो नंबर के साथ साझा कर रही है। देखिए खास रिपोर्ट…• ग्राउंड रिपोर्ट : एक-एक कर सामने आए 9 मामले पहला मामला : परदेशीपुरा इलाके से पाटनीपुरा जाने वाली सड़क का है। यहां पर रात करीब आठ बजे बुलेट (MP 09 VW 6128) पर तीन युवक सवार हैं और कानफोड़ू साइलेंसर के साथ गुजर रहे हैं। खास बात यह है कि चौराहे पर पुलिस रहती है, लेकिन इन्हें कोई पकड़ने वाला नहीं।दूसरा मामला : भागीरथपुरा इलाके का है। यहां पर कानफोड़ू बुलेट (MP 09 VM 9813) पर भी तीन युवक बैठे हैं, जो तेज रफ्तार में बुलेट चला रहे हैं। खास बात यह है कि यह तेज रफ्तार बुलेट रहवासी इलाके में रात 10 बजे निकली, जिससे रहवासियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।तीसरा मामला : भागीरथपुरा से परदेशीपुरा जाने वाली सड़क का है। बुलेट (MP 09 JA 1857) पर युवक सवार है, जिससे जोर-जोर से फटाके फूट रहे हैं। यह भी रहवासी इलाके का है।चौथा मामला : शहर के व्यस्ततम इलाके राजबाड़ा से खजूरी बाजार इलाके का है। यहां पर पुलिस की मुस्तैदी होने के बाद भी बुलेट (MP 09 VQ 6596) चालक कानफोड़ू साइलेंसर लगाकर गाड़ी चला रहा है।पांचवां मामला : पाटनीपुरा से एलआईजी जाने वाली सड़क का है। यहां पर रात करीब साढ़े ग्यारह बजे मोबाइल पर बात करते हुए कानफोड़ू साइलेंसर वाली बुलेट (MP 09 AQ 4421) चलते हुए निकल रहा है।छठवां मामला : स्नेहलतागंज वाली सड़क का है। यहां पर दिन दोपहरी में करीब डेढ़ बजे बुलेट (MP 09 VR 0622) चालक तेज रफ्तार में बुलेट चलाते हुए निकल रहा है। वीडियो में सुनी आवाज से अंदाजा लगाया जा सकता है कि फटाके का साउंड कितना तेज होगा।सातवां मामला : निपानिया वाली सड़क का है, जहां पर शाम करीब 7:30 बजे करण औजला के कन्सर्ट में जाने के लिए दो युवक बुलेट (MP 09 VQ 5925) पर जा रहे हैं। खास बात यह है कि पुलिस की सख्ती के बाद भी यहां कानफोड़ू साइलेंसर पर ध्यान नहीं दिया गया।आठवां मामला : निपानिया वाली सड़क का है, जहां पर बुलेट (MP 09 QS 1523) पर पुरुष और महिला बैठे हुए हैं। खास बात यह है कि इस बुलेट पर पुलिस लिखा है।नौवां मामला : स्कीम नंबर 78 स्थित द हब का है। रात करीब 11 बजे भरे ट्रैफिक में बुलेट (MP 09 VR 0622) पर बैठे युवक-युवती तेज रफ्तार में बुलेट निकालकर ध्वनि प्रदूषण कर रहे हैं। आपको बता दें, इस इलाके में युवाओं के क्राउड होने के चलते पुलिस गश्त पर रहती है।• नियम क्या कहते हैं?मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वाहनों में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाना अवैध है। ऐसे मामलों में चालान, जब्ती और वाहन पर कार्रवाई का प्रावधान है।• सवालों के घेरे में व्यवस्थाअब देखना होगा कि खबर सत्याग्रह की इस विशेष रिपोर्ट के बाद पुलिस एक बार फिर सख्त कार्रवाई करती है या नहीं।जब इस मुद्दे पर एक रिपोर्टर लगातार ध्यान दे रहा है, तो जिन पुलिसकर्मियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है, उनकी आंखों और कानों से यह कैसे ओझल हो जाता है?• रिपोर्ट :- दिव्यांशु परमार, खबर सत्याग्रह, इंदौर।
