इंदौर। श्रावण मास के दूसरे सोमवार पर सुभाष चौक स्थित श्री रामभक्त हनुमान मंदिर में भगवान हनुमान का अनूठा किसान स्वरूप में श्रृंगार किया गया। कृषक कल्याण वर्ष की थीम पर हुए इस विशेष श्रृंगार में भगवान हनुमान को अन्नदाता किसान के रूप में सजाया गया। आयोजन को देखने और दर्शन के लिए मंदिर में देर तक श्रद्धालुओं की कतार लगी रही।इस बार मंदिर परिसर को खेत-खलिहान का रूप दिया गया। खेती की प्रक्रिया को अलग-अलग चरणों में प्रदर्शित किया गया, जिसमें मिट्टी तैयार करने, बीज बोने, रोपाई, फसल की देखभाल और फसल तैयार होने तक की प्रक्रिया को दर्शाया गया। भगवान हनुमान के साथ भगवान शिव और भैरव बाबा को भी किसान स्वरूप में सजाया गया।मंदिर परिसर में विभिन्न फसलों और उनके बीजों के पौधों के माध्यम से खेती की विविधता दिखाई गई। सौंफ, गेहूं, लाल मिर्च, सूरजमुखी, धनिया और पीली सरसों सहित कई फसलों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। पूरे परिसर में कृषि और ग्रामीण जीवन की झलक नजर आई। आयोजकों के अनुसार, देश में पहली बार किसी मंदिर में इस तरह की थीम पर भगवान का श्रृंगार किया गया है।दो साल पहले आया था किसान थीम का विचारमंदिर से जुड़े जीतू गुरु ने बताया कि किसान थीम पर विशेष श्रृंगार करने का विचार करीब दो वर्ष पहले आया था। इसके बाद से ही आयोजन के लिए आवश्यक सामग्री जुटाने की तैयारी शुरू कर दी गई थी। अलग-अलग प्रकार की खेती को प्रदर्शित करने के लिए कई तरह की सामग्री और पौधों की आवश्यकता थी। इसके लिए दुकानदारों को पहले से ऑर्डर दिए गए और धीरे-धीरे सामग्री एकत्रित की गई। करीब दो वर्ष की तैयारी के बाद इस कल्पना को मंदिर में साकार किया गया।अन्नदाताओं के सम्मान का संदेशमध्यप्रदेश सरकार द्वारा कृषक कल्याण वर्ष मनाए जाने के बीच मंदिर में किया गया यह विशेष श्रृंगार किसानों के सम्मान को समर्पित रहा। भगवान हनुमान को किसान स्वरूप में सजाकर अन्नदाताओं के परिश्रम और देश के लिए उनके योगदान को सम्मान देने का संदेश दिया गया। अनूठे श्रृंगार को देखने के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन के साथ खेती-किसानी से जुड़ी पूरी थीम को भी देखा और आयोजन की सराहना की।
