सरकारी अस्पताल पर गंभीर सवाल; चार कर्मचारी निलंबित, 5 सदस्यीय जांच कमेटी गठित
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा स्थित संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में 25 वर्षीय प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना से पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें कल्पना रोते हुए परिजनों से मदद मांगती और अस्पताल से बाहर ले जाने की गुहार लगाती दिखाई दे रही हैं। वीडियो में महिला को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, “मुझे बचा लीजिए… ये लोग मुझे मार डालेंगे।”प्रसव के बाद बिगड़ी हालत, मां और नवजात ने दम तोड़ामीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कल्पना मिश्रा पहली डिलीवरी के लिए रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती हुई थीं। प्रसव के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई और बाद में महिला तथा नवजात दोनों की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध किया और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।मौत से पहले का सामने आया दर्दनाक वीडियोवायरल वीडियो में कल्पना अस्पताल के वार्ड से बाहर आती नजर आती हैं। वे परिजनों से मदद की गुहार लगाती दिखाई देती हैं। वीडियो में उनके द्वारा इलाज को लेकर डर और परेशानी जाहिर की गई है। इस वीडियो ने मामले को और गंभीर बना दिया है तथा अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और उपचार व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।पहले दो नर्स निलंबित, अब चार कर्मचारियों पर कार्रवाईघटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग अधिकारियों साधना वर्मा और सीमा मुजाल्दे को निलंबित किया था। इसके बाद सामने आई रिपोर्टों के अनुसार सरकार ने दो डॉक्टरों समेत कुल चार कर्मचारियों को निलंबित कर जांच के आदेश दिए हैं। मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जिसे तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही से किया इनकारअस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने उपचार में चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि महिला का उपचार निर्धारित मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया। अधिकारियों के मुताबिक पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में घटना से राजनीतिक सवाल भी उठेरीवा मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल का गृह जिला है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में प्रसूता और नवजात की मौत तथा मौत से पहले सामने आए वीडियो ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर राजनीतिक बहस भी तेज कर दी है। विपक्ष ने सरकार से घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
