गरियाबंद/मैनपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र में विकास के दावों के बीच बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। देहारगुड़ा और खामभाठा गांव के बीच पैरी नदी पर बन रहा पुल लंबे समय से अधूरा पड़ा है। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चे करीब 20 फीट ऊंचे पिलर पर लगी लोहे की सीढ़ी के सहारे नदी पार करने को मजबूर हैं। बारिश के दिनों में पैरी नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ने से खतरा और बढ़ जाता है। बच्चों को भारी स्कूल बैग के साथ संकरी सीढ़ी चढ़कर अधूरे पुल तक पहुंचना पड़ता है। पुल पर जगह-जगह निकली सरियों और गहरी खाई के कारण जरा सी चूक गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस पुल का निर्माण कई वर्षों से चल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से हुआ और शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।बताया गया है कि इस रास्ते से 30 से अधिक स्कूली बच्चे आवागमन करते हैं। ग्रामीणों को भी पंचायत और ब्लॉक मुख्यालय आने-जाने के लिए इसी जोखिम भरे रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता है।
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