महू। डॉ. अंबेडकर मेमोरियल सोसायटी के पूर्व कार्यालय सचिव डॉ. मोहनराव वाकोडे ने प्रशासन द्वारा कथित फर्जी समिति और ऑनलाइन चंदा वसूली की जांच नहीं किए जाने से नाराज होकर कीटनाशक दवा का सेवन कर लिया। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले महू के प्रशांति अस्पताल और बाद में गंभीर हालत में इंदौर के यूनिटी हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां उन्हें आईसीयू में रखा गया है।डॉ. वाकोडे ने आरोप लगाया कि पिछले करीब तीन वर्षों से अंबेडकर जन्मस्थली स्मारक के नाम पर कथित तौर पर ऑनलाइन चंदा वसूली और अन्य गतिविधियों को लेकर वे स्थानीय प्रशासन से लेकर जिला एवं राज्य शासन तक शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना जीवन बाबासाहेब डॉ. अंबेडकर और उनकी जन्मस्थली की सेवा में समर्पित किया है। कार्रवाई नहीं होने से निराश होकर उन्होंने यह कदम उठाया।वाकोडे ने अंबेडकर जन्मस्थली से जुड़े पूर्व अध्यक्षों भंते धर्मशील और भंते संघशील की संदिग्ध मौत के मामलों की जांच नहीं होने का मुद्दा भी उठाया है।
