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एमआर-9–एलआईजी लिंक रोड पर ‘कछुआ चाल’ का निर्माण; महीनेभर से बीच सड़क गड्ढा, पाइप बना बैरिकेड—पानी की बूंद-बूंद को तरसे रहवासी
इंदौर। एमआर-9 से एलआईजी लिंक रोड को जोड़ने वाली मालवीय नगर की करीब 900 मीटर लंबी और 60 फीट चौड़ी सड़क लगभग 10 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जा रही है, लेकिन निर्माण की रफ्तार देखकर लगता है कि सड़क नहीं, सब्र की परीक्षा ली जा रही है। अधिकारियों के निर्देशों के बावजूद काम की चाल ऐसी है कि राहगीर और रहवासी रोजाना परेशानी झेलने को मजबूर हैं।सड़क की एक पट्टी का काम पूरा हो चुका है, जबकि दूसरी पट्टी का काम आधा-अधूरा छोड़ दिया गया है। सुंदर नगर और कृष्णबाग को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के बीच करीब एक माह से चैम्बर के नाम पर गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है। सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की जगह करीब 60 फीट लंबा नर्मदा का पाइप डाल दिया गया है। ऐसे में वाहन चालक और पैदल राहगीर रास्ता तलाशते नजर आते हैं।ठेकेदार बोले—नर्मदा लाइन जिम्मेदार, नर्मदा वाले बोले—सड़क ठेकेदार जिम्मेदार!सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर जिम्मेदारी किसकी है? मौके पर काम करने वाले कर्मचारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। कोई नर्मदा लाइन में देरी बता रहा है तो कोई सड़क निर्माण एजेंसी को जिम्मेदार ठहरा रहा है। इनकी ‘दोषारोपण की फुटबॉल’ में जनता पिस रही है।रहवासियों का कहना है कि कई बार निर्माण एजेंसी के कर्मचारियों और जिम्मेदार लोगों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन हालात जस के तस हैं। बीच सड़क गड्ढा खुला पड़ा है और आवागमन लगातार प्रभावित हो रहा है।एक तरफ गणेश पंडाल, दूसरी तरफ बंद सड़क—जनता जाए तो जाए कहां?इसी मार्ग पर गणेश पंडाल लगा होने से शाम की आरती के दौरान रास्ता बंद हो जाता है। दूसरी ओर निर्माण के कारण सड़क पहले ही बाधित है। ऐसे में रहवासियों और वाहन चालकों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है।सड़क के साथ पानी की लाइन भी काटी, बूंद-बूंद को तरसे लोगरहवासियों के अनुसार कॉलोनी की नर्मदा की मुख्य लाइन भी काट दी गई है और दूसरी ओर से जोड़ने का प्रयास किया गया है। लेकिन शनिवार सुबह नर्मदा का पानी बूंद-बूंद आने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई। पहले से पानी की समस्या झेल रहे रहवासियों में इस स्थिति को लेकर नाराजगी है।अब सवाल सीधा है- करीब 10 करोड़ की सड़क के निर्माण में जनता को सुविधा कब मिलेगी? निर्माण एजेंसी आखिर कब जागेगी? अधिकारियों के निर्देशों के बाद भी यदि सड़क पर महीनों तक गड्ढा खुला पड़ा रहे और पानी की लाइन बाधित होती रहे, तो निगरानी और जवाबदेही किसकी है?रहवासियों की मांग है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके का निरीक्षण कर अधूरे काम को तत्काल पूरा करवाएं, सड़क के बीच बने गड्ढे को सुरक्षित करें और नर्मदा जल आपूर्ति सुचारु कराएं। जनता का कहना है—सड़क बनने में समय लग सकता है, लेकिन जनता को रोज खतरे और परेशानी में रखना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
