उज्जैन। सावन माह के पहले सोमवार पर धर्मनगरी उज्जैन शिवभक्ति में सराबोर नजर आई। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर से भगवान महाकाल की पहली सवारी पूरे वैभव और परंपरा के साथ निकाली गई। इस दौरान राजाधिराज बाबा महाकाल ने ‘चंद्रमौलेश्वर’ स्वरूप में चांदी की पालकी में नगर भ्रमण कर लाखों श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। सवारी से पूर्व मंदिर के सभा मंडप में विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह, कलेक्टर रोशन सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा ने पालकी को कंधा देकर रवाना किया। मंदिर के मुख्य द्वार पर पुलिस बल ने बाबा महाकाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।महाकाल की सवारी महाकाल घाटी, गुदरी चौराहा और रामघाट सहित निर्धारित मार्गों से होकर निकली। रामघाट पहुंचने पर पवित्र शिप्रा नदी के जल से बाबा महाकाल का अभिषेक किया गया। पुलिस बैंड, अश्वारोही दल, भजन मंडलियों और हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरा शहर भक्तिमय हो उठा। सवारी मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।सावन के पहले सोमवार पर दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सोमवार शाम तक करीब 4 लाख 40 हजार श्रद्धालुओं ने भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन किए। मंदिर परिसर में नंदी हॉल और कार्तिक मंडपम तक लंबी कतारें लगी रहीं। पूरे शहर में “हर-हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयघोष गूंजते रहे।
