
<!– wp:paragraph –><p>खबर सत्याग्रह | इंदौरइंदौर नगर निगम परिषद के चार वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव के कार्यकाल में इंदौर ने केवल देश के सबसे स्वच्छ शहर की पहचान को ही मजबूत नहीं किया, बल्कि आधुनिक अधोसंरचना, हरित ऊर्जा, डिजिटल गवर्नेंस, जल प्रबंधन और जनभागीदारी जैसे क्षेत्रों में भी नई मिसाल कायम की। बीते चार वर्षों में नगर निगम ने ऐसे कई निर्णय लिए, जिनका उद्देश्य आने वाले दशकों के लिए इंदौर को अधिक व्यवस्थित, आधुनिक और आत्मनिर्भर शहर के रूप में विकसित करना रहा है। महापौर के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में देश का पहला म्युनिसिपल ग्रीन बॉन्ड जारी कर जलूद में 60 मेगावाट सोलर प्लांट की स्थापना शामिल है। इस परियोजना ने इंदौर को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान दिलाई और नगर निगम को बिजली खर्च में बड़ी बचत का मार्ग भी प्रदान किया। शहर की बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नर्मदा परियोजना के चौथे चरण, नई पानी की टंकियों, आधुनिक जल शोधन संयंत्र, हजारों किलोमीटर पाइपलाइन विस्तार और स्मार्ट जल प्रबंधन प्रणाली जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट शुरू किए गए। इन योजनाओं का उद्देश्य आने वाले वर्षों में इंदौर को बेहतर और निर्बाध पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराना है। यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए 23 मास्टर प्लान सड़कों, नए लिंक रोड और आधुनिक सड़क नेटवर्क पर तेजी से कार्य शुरू हुआ। वहीं डिजिटल इंदौर की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए नागरिक सेवाओं का डिजिटलीकरण, डिजिटल पता (Digital Address), ऑनलाइन कर भुगतान और पारदर्शी प्रशासन जैसी सुविधाओं को बढ़ावा दिया गया। स्वच्छता के क्षेत्र में इंदौर ने अपनी राष्ट्रीय पहचान को और मजबूत किया। कचरे से बायो-सीएनजी निर्माण, इलेक्ट्रिक कचरा संग्रहण वाहन, वेस्ट मैनेजमेंट में नवाचार, बड़े स्तर पर जनभागीदारी और हाल ही में कचरा पृथक्करण अभियान में विश्व रिकॉर्ड जैसे प्रयासों ने इंदौर को देश के लिए एक रोल मॉडल के रूप में स्थापित किया। हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर पौधारोपण, शहरी वन विकसित करने, योग शेड, संजीवनी क्लीनिक, ट्रैफिक मित्र, इंटर्नशिप विद मेयर, महिला सुरक्षा से जुड़े नवाचार और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने जैसे अनेक प्रयास किए गए। इन पहलों ने विकास को केवल निर्माण कार्यों तक सीमित न रखकर नागरिक सहभागिता का भी मजबूत मॉडल प्रस्तुत किया। चार वर्षों की इस विकास यात्रा में इंदौर ने स्वच्छता, हरित ऊर्जा, डिजिटल नवाचार, आधारभूत संरचना और जनसुविधाओं के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। नगर निगम का लक्ष्य अब इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाते हुए इंदौर को वर्ष 2050 की आवश्यकताओं के अनुरूप देश के सबसे आधुनिक, टिकाऊ और नागरिक-अनुकूल शहरों में शामिल करना है। </p><!– /wp:paragraph –>
