
दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव परिणामों की समीक्षा तेज कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने हार के कारणों की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में प्रदेश महामंत्री गौरव रणदीवे को प्रमुख जिम्मेदारी दी गई है, जबकि वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा को सदस्य बनाया गया है।यह समिति चुनाव से जुड़े पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर हार के कारणों का विस्तृत विश्लेषण करेगी। इसके बाद अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को सौंपेगी, जिसके आधार पर संगठन आगे की रणनीति तय करेगा।राजनीतिक हलकों में इस कदम को भाजपा के आत्ममंथन की शुरुआत माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि गौरव रणदीवे के नेतृत्व में तैयार होने वाली रिपोर्ट हार के लिए किन कारणों को जिम्मेदार ठहराती है और संगठनात्मक स्तर पर क्या सुधारात्मक सुझाव सामने आते हैं।दतिया उपचुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय माना जा रहा था। ऐसे में समीक्षा समिति की रिपोर्ट केवल दतिया तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आगामी चुनावों की रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों के लिए भी अहम दस्तावेज साबित हो सकती है।
